पशुओं के पाचन शक्ति को मजबूत रखना वाला दवा का प्रयोग कैसे करें

पशुओं को भूख न लगना, अपचन, चारा न खाना एक आम स्थिति है, जो निम्न कारणों से पैदा हो जाती है जैसें
1. खिलायें जाने वाले चारे में अचानक परिवर्तन अथवा कोई दूषित चारा खाया जाना
2. अनाज व चोकर अथवा सफर की थकान के कारण
3. बरसीम आदि हरा चारा निरंतर खाया जाना
4. किसी तकलीफ अथवा दर्द के कारण
5. डर अथवा कमजोरी
6. सूखा, अकाल अथवा बाढ़ का प्रकोप
7. छूत एवं अन्य बीमारियों, पेट के कीड़ो, बाह्यकृमियों आदि का कारण
8. रासायनिक दवाइयों के इस्तेमाल से पाचन तंत्र पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के कारण ऐसी स्थिति में शीघ्र उपचार न किये जाये तो पशु निरंतर कमजोर होने लगता है और उसका उत्पादन काफी कम हो जाता है व कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है।

रूमेन फीड के फायदे पशुओं की सेहत के लिए

औषध-गुण

रूबयोन बोलस विभिन्न प्राकृतिक उत्पादों पर नवीनतम वैज्ञानिक पद्धति से दीर्घकालीन अनुसंधान के बाद तैयार किया गया विशिष्ट उत्पादन है। यह पशुओं के पाचन संबंधी कार्यो को नियमित करता है और उन्हे अपचन, भूख न लगना, चारा कम अथवा न खाना आदि तकलीफों से शीघ्र राहत दिलाता है, पाचक रसों के उत्पादन व स्राव को बढ़ाता है, “ रूमेन“ की गति को प्रोन्नत करता है तथा रूमेन के माइक्रोफ्लोरा की संख्या में वृद्धि करता है ताकि हजमा तथा स्वास्थ बेहतर रहे।
अपजन के उचार के लिये जो अंग्रेजी दवाइयां उपलब्ध है उनके अनेक कुप्रभाव देखे गये है। इसके विपरीत रूम्बयोन बोलस पूर्णतया सुरक्षिज और हानिरहित औषधि है। अधिकांश औषधियां या तो अम्लीय अपचन या क्षारीय अपचन किसी एक प्रकार के अपचन के लिये है जबकि रूम्बयोन बोलस अम्लीय व क्षारीय दोनो प्रकार के अपचन में पूर्णतः प्रभावी है। यह कम समय में अपनी विशिष्ट कार्य क्षमता के द्वारा पशु को शीघ्र सामान्य हाजमा स्वास्थ और उत्पादन पर ले आता है।

खुराक एवं प्रयोग विधि

 गाय, भैस व घोड़े  : 2 बोलस
भेड़ व बकरी
अन्य पशुओं को उनकी आयु व वजन के अनुसार
ऊपर लिखी खुराक के मुताबिक, दिन में दो बार, दो से चार दिन तक, आवश्यकतानुसार आटे की पेड़ी या रोटी में रख कर अथवा चारे के साथ दें।
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