लेज़र लेवलर मशीन के फायदे—बचाएगें धन, समय और सिंचाई जल

किसान भाई खेतों को लेज़र लेवलर मशीन की सहायता से समतल बनाकर सिंचाई जल, धन एवं समय की बचत कर सकता है।

एक जमाना था, जब खेती की विकास गाथा में पानी के ज्यादा इस्तेमाल, उर्वरक और उर्जा का अधिक इस्तेमाल करने वाली तकनीकों की अहम भूमिका हुआ करती थी। लेकिन अब वक्त बदल रहा है। आज कृषि के विकास के साथ-साथ इस बात का भी खास ख्याल रखा जा रहा है कि इनका इस्तेमाल कम से कम हो, ताकि लागत कम होने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण की सेहत पर भी इसका बुरा असर न हो।

 

लेज़र लेवलर मशीन के फायदे

इस नई खेती की शुरूआत सन् 2000 के आसपास हुई थी। यदि भूमिगत जल दोहन इसी प्रकार से बढ़ता रहा तो आने वाले दशक में खेती के लिए ही नहीं बल्कि पीने के पानी का भी अभाव हो जायेगा। मौसम जैसे-जैसे ग्रीष्म ऋतु की ओर अग्रसर हो रहा है, वैसे-वैसे दैनिक तापमान में वृद्धि होने, आर्द्रता के प्रतिशत में गिरावट आने से फसलों में सिंचाई की मांग बढ़ना स्वाभाविक है। फसलों में बढ़ती हुयी पानी की मांग एवं पानी की एक-एक बँूद का सदुपयोग करने से कृषि उत्पादन लागत कम की जा सकती है जो किसानों के ऊपर निर्भर करती है।

 

किसानों को चाहिए कि वह रबी फसलोें की कटाई-मडाई का कार्य पूरा करने के बाद क्रमवद्ध तरीके से ऊंचे-नीचे व ढलानदार खेतों को समतल बनायें, जिससे कि समतल किये गये खेतों में सिंचाई जल का पूर्णरूप से सद्पयोग व वचत की जा सकें। खेतों को लेज़र लेवलर मशीन की सहायता से समतल करने मंे एक बार खर्च तो अधिक आता है। लेकिन खेत का लेवल एक समान हो जाता है। जिससे पूरे खेत में पानी एक समान स्तर से बहता है, प्रत्येक सिंचाई में पानी व समय की काफी बचत की जा सकती है।

खेत को समतल करने के उपरांत सिंचाई करने की नालियाँ इस प्रकार से बनायें कि सिंचाई करते समय नालियों से खेत में पानी का रिसाव न हो, और जल का बहाव गति से हो सके। जिस स्थान पर मनुष्य, जानवर, बैलगाड़ी, टेªक्टर आदि पार करते हों वहां पर जमीन के अन्दर पाइप लगाना चाहिए। गर्मियों के मौसम में फसलों में पानी की मांग बढ़ जाती हैं। आमतौर पर सब्जियों में 7-8 दिन के अन्तराल पर उर्द, मूंग, सूरजमुखी व हरा चारा में 12-15 दिन तथा गन्ने में 15-18 दिन के अन्तराल पर सिंचाई की आवश्यकता होती है। खेत में बुवाई करने के उपरांत सिंचाई के लिए कम चैड़ाई की लम्बाई में छोटी-छोटी क्यारियाँ बनानी चाहिए, जिससे समय के साथ-साथ पानी की बचत एवं डीजल की खपत को कम किया जा सकें।

 
लेज़र लेवलर एक ऐसी उच्च तकनीक वाली मशीन है जो कम से कम 50 हार्स पावर ट्रेक्टर की सहायता से ऊँचे-नीचे खेतों को एक समतल सतह में बराबर करने के लिए प्रयोग की जाती है। इस मशीन में किरणों के निर्देशन पर चलने वाली स्वचालित धातु का बना ब्लेड हाईड्रोलिक पम्प के दबाव से कार्य करता है, जो ऊँचे स्थान से अपने आप ही मिट्टी काटकर नीचे वाले जगह पर गिरा देता है। जिससे खेत समतल हो जाता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से स्वचालित होती है। खेत को जिस सतह पर समतल करना होता है। उसकी सूचना मशीन के नियंत्रण बाॅक्स में निर्धारित कर दी जाती है। इस मशीन द्वारा समतल किये गये खेत में सिंचाई जल का वितरण एक समान होता है।

 

सिंचाई जल की 20-25 प्रतिशत कम खपत व समय की बचत होती है। खेत में एक समान सिंचाई होने से जल भराव नहीं होता तथा सिंचाई करते समय खेत में पानी एक समान चलता है। जिससे पौधों की जड़ों का विकास एक समान होता है तथा खाद, उर्वरक एवं पोषक तत्व बहकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं जाते हैं। समतल खेत में बुवाई करते समय बीज एक समान स्तर पर पड़ता है, जिससे बीज जमाव प्रतिशत में वृद्धि होती है। इस प्रकार फसल की पैदावार लगभग 30-35 प्रतिषत अधिक मिलती है, और फसल एक साथ पककर तैयार होती है।

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