अनार की जैविक खेती कर महारष्ट्र के किसान कमा रहे हैं मुनाफा

महाराष्ट्र का वर्धा जिला यहां का किसान अनार की खेती कर अपने सपनों को चाँद- चाँद लगा रहे है।

महाराष्ट्र का वर्धा जिला जो नागपुर से 100 किलोमीटर दूर पर स्थित है। यहां की जमीने ज्यादातर बंजर है। यहां ज्यादा से ज्यादा बागान गायब हो चुके है। कृषि दुर्घटनाओं और किसानों की आत्महत्याओं यहाँ एक आम बात हो गयी है।

जुलाई 2015 तक महाराष्ट्र ने 1,300 से अधिक किसानों की आत्महत्या दर्ज हो चुकी है। आत्महत्याओं के कारण बढ़ते कर्ज के लिए किसान अक्सर अपने बोझों को मुक्त करने के तरीके के रूप में इस कठोर कदम को ले लेते हैं। लेकिन उनकी समस्याओं का अंत कभी नहीं खत्म होता है।

अनार की जैविक खेती (pomegranate agriculture in hindi)

यहाँ एक किसान विमल खोड फसल की विफलता और कर्ज का बोझ़ का सामना कर रहा था। उसके ऊपर फसल में विफलताओं और ऋणों का बोझ था। तभी वहां एक नंदी नाम का परियोजना आयी जो किसानों की मदद के लिये तत्पर हुआ। वह सीधे किसानों के साथ काम करती है और उन्हें सबसे अच्छी फसल की पहचान करने में मदद करती है जो कि लाभदायक है, साथ ही आय का स्थायी स्रोत भी है।

विभिन्न विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श के बाद, इस क्षेत्र में मिट्टी के लिए सबसे उपयुक्त क्या होगा, और किसानों के लिए आर्थिक रूप से क्या फायदेमंद होगा, नंदी परियोजना हर-तरफ मदद प्रदान कर रहा हैं। इसमें किसानों को अपनी फसलों के बढ़ने, उनके उत्पाद बेचने, और अधिक जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

 
नंदी परियोजना द्वारा मदद तथा गांव में कई यात्राओं के बाद, मिट्टी और मौसम की स्थिति की जांच, बाजार की स्थितियों की जांच, नंदी ने निष्कर्ष निकाला कि उनकी जमीन एक विशेष उच्च मूल्य की फसल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त थी – अनार।

किसान इस परियोजना में शामिल हो कर अच्छा मुनाफा ले रहे तथा खेती के लिए भूमि को साफ करने से, पौधों के लिए मिट्टी खुदाई करने के लिए, अनार पौधों को लगाने के लिए शामिल किया जा रहा है।
विमल खोड जैसे कई किसान परिवार, इस परियोजना के कारण संपन्न हो रहे हैं। और यह सिर्फ एक बदलाव की शुरुआत है नंदी परियोजना यह सुनिश्चित करती है कि किसान खेती के सर्वोत्तम, जैविक उर्वरक का तथा गैर-रासायनिक तरीके का उपयोग कर रहे हैं। नंदी परियोजना से किसान अच्छा मुनाफा तथा उपज ले रहे हैै। ऐसी परियोजना सरकार को हर राज्य में चलना चहिए जहां बंजर जमीने है। नंदी फाउंडेशन का उद्देश्य किसानों को 2017 तक 1000 एकड़ उच्च गुणवत्ता, अनार की खेती तैयार करना है।
इनका उद्देश्य भूमि की छलरचना और ड्रिप सिंचाई उपकरणों की स्थापना, उच्च गुणवत्ता वाले पौधों की स्थापना और मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार और कीटरोधियों का सुधार। नंदी परियोजना ने 2019 तक 1000 एकड़ अनार के बागानों का सपना साकार करेंगी। इसकी सहायता से, कई किसानों और कई परिवारों को सक्षम बनाया है।

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