अहिल्या अस्थान दरभंगा एैसा मंदिर जहां महिलाएं हैं पंडित

भारत में कई एैसे सिद्धपीठ मंदिर हैं जहां जाकर इंसान को मानसिक शांति और जीवन में आ रही समस्याओं का समाधान मिलता है। जी हां जिस मंदिर के बारे में हम आपको बता रहे हैं अहिल्या स्थान के बारे में। इसे अहिल्या ग्राम भी कहा जाता है। ये मंदिर बिहार के दरभंगा जिले में है। इस मंदिर का एैतिहासिक महत्व काफी है। क्योंकि एैसा माना जाता है ये मंदिर गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का है। इस बात का जिक्र रामायण में भी मिलता है।

रामायण की कहानी के अनुसार जब प्रभु राम भ्रमण करते हुए जनकपुरी की ओर जा रहे थे। तब उन्हें रास्ते में एक पत्थर दिखा और उस पत्थर पर उनका पैर पड़ते ही ये पत्थर अहिल्या के रूप में आ गया। अहिल्या अपने पति गौतम की वजह से पत्थर में बदल गई थी। हर साल कई हजारों भक्तों की भीड़ इस मंदिर को देखने के लिए यहां आती है। इस जगह में ही अहिल्या का उद्धार हुआ था।

 

मंदिर कहां हैं और कैसे जा सकते हैं-(Ahilya asthan temple in Darbhanga)

कमतौल रेलवे स्टेशन जो कि दरभंगा में है उसके पास में ही है ये मंदिर। भक्त लोग यहां आकर इस मंदिर में सुबह के समय में बैंगन लेकर चढ़ाते हैं। खासतौर से रामनवमी वाले दिन में। एैसा कहते हैं ये मंदिर त्रेता युग का है।

ahilya asthan darbhanga jaha mahilaye pandit hai 2

इस मंदिर की खासियत क्या है

इस जगह पर आपको अहिल्या और गौतम का स्नान कुण्ड भी मिलेगा। ये जगह देखने में बहुत सुंदर है। लोगों की मान्यता है इस जगह पर माता अहिल्या के प्राण वापस आए थे।
आपको जानकर हैरानी होगी कि अहिला रोग से ग्रसित इंसान यहां यदि बैंगन चढ़ाता है और इन कुण्डों में स्नान करता है उसका ये रोग ठीक हो जाता है। शरीर के किसी अंग पर मस्से का बड़ा होना अहिला रोग कहलाता है।

इस मंदिर की अनोखी व्यवस्था

अक्सर आपको मंदिर में पुजारी तो मिलते ही हैं जो अधिकतर पुरूष होते हैं। लेकिन इस मंदिर में आपको पुजारी के रूप में महिला मिलेगी। जी हां यहां पर कई सालों से महिला पुजारी की परंपरा रही है। वे हीं यहां पर पूजा करवाती हैं। भारत ही नहीं नेपाल से भी हजारों भक्त इस मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

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