चूहा नियंत्रण कैसे करें जिससें फसलों को नष्ट होने से बचाया जा सके

चूहे फसल, खाद्यान्न और घरेलू वस्तुओं को नष्ट नहीं करते परंतु यह कई घातक बीमारियों को भी फैलाने में भी अपनी भागीदारी निभाते है। चूहों की कई जातियां होती है। जैसे – खेत के चूहे, घरेलू चूहे। आदि।

चूहों से फसल को बचाने के उपाय – tips to save crop from Rat in Hindi

चूहों का नियंत्रण कैसे करे –

चूहों की रोकथाम लंबे समय तक चलने वाला कार्यक्रम है जो संगठित अभियान के रूप में बड़े पैमाने और बड़े क्षेत्रों में किये जाने पर उपयोगी हैं। चूहों की मुख्यतया विष चुग्गा तथा प्रधूमन द्वारा करते है।

विष चुग्गा –

चूहों को मारने के लिये उसके भोजन में विष मिलाकर बिलों तक पलायन पथ, मेंड़ो पर खेतों के आस-पास के स्थानों पर रख दिया जाता है। विष चुग्गे का प्रयोग हम शाम के समय अंधेरा होने पर कर सकते है। चूहे बहुत ही शंकालु एवं चालाक किस्म के जन्तु होते है, इसलिये ये प्रायः विष चुग्गों जैसे अपरिचित पदार्थ समान को यह एकाएक नहीं खाते है। चूहों को चुग्गे से परिचित कराने के लिये पहले 2-3 दिन तक केवल प्रलोभन जैसे विषहीन चुग्गा दे सकते है। इससे चूहे की शंका समाप्त हो जाती है तथा बाद में यह पता चल जाये की चुग्गा किस स्थान पर ज्यादा खाते है, इसके बाद विष चुग्गा का प्रयोग कर सकते है। विष चुग्गा को आप गिनती के स्थानों पर रख सकते है तथा दूसरे दिन बचे हुये चुग्गा को उठाकर सुरक्षित स्थान पर रख दे। विष चुग्गे के लिये कुछ रसायनिक दवाओं का प्रयोग कर सकते है।

जैसे – जिंक फास्फाइड, स्टिकनिन हाइड्रोक्लोराइड या कोमारिन या बेरियम कार्बोनेट या वारफोरिन आदि।
1 किलो.ग्रा. विष चुग्गे को बनाने की विधि

सामग्री –

  •  जिंक फास्फाईड 20 गा., गेहूं, मक्का, या ज्वार आटा 900 ग्रा., तेल 40 ग्रा. गुड़ या चीना 40 ग्रा.
  •  वारफेरिन 0.05 प्रति सक्रिय 50 ग्राम, खाद पदार्थ 920 ग्रा. वनस्पति तेल 30 ग्रा.
  •  बेरियम कार्बोनेट 125 ग्रा. गेहूं का आटा 750 ग्रा., गुड़ 125 ग्रा.

चुग्गे के लिये या तो आटे में विष तथा प्रलोभन पदार्थ तेल, गुड़ मिलाकर गोलियां बना लें या आटे की टिकिया बनाकर उसमें विष भर दें।
इस मिट्टी के दीये या बर्तन में रखा जाये जिसे प्रयोग के बाद फेंका दें।

प्रधूमन –

चूहे विषैली गैस से बिलों के भीतर ही सफलतापूर्वक पूर्ण रूप से मारे जा सकते है यह विधि खेत के चूहों के विरूद्ध अधिक उपयोगी है। प्रधूमन के लिये केल्सियम साइनाइड दवा का प्रयोग करते है। धूमन विष साईमेन तथा सायनों गैस के नाम से मिलता है। धूमन विष बिलों में साईमेन पंप अथवा लकड़ी के चम्मच की सहायता से डाले। औसतन 1 किलो धूमक विष 70-80 बिलों को उचारित करने के लिये पर्याप्त होता है।

एल्युमिनियम फॉस्फाइड की पाऊच से बिलों का प्रधूमन सरलता से तथा बिना किसी खतरे से किया जा सकता है। ये पाऊज बाजार में फास्टोक्सिन के नाम से जाना जाता है। दो पाऊच प्रति बिल के हिसाब से बिलों में डालकर उन्हें बंद कर दें।

चूहों के बिलों के प्रधूमन के समय यह ध्यान देने वाली बाते –

  • बिलों को दिन में धूमित करें।
  •  पानी भरे क्षेत्रों में वर्षा के दिनां में धूमक विष का प्रयोग नहीं करना चहिए।
  •  प्रधूमन करने से पहले बिल के एक द्वार को छोड़कर शेष सभी छेद अच्छी प्रकार गीली मिट्टी से बंद कर देना चाहिए। जिस बिल में धूमन कर चुकें हो वह बिल बंद कर दें।
  •  धूमन के दूसरे दिन जो बिल खुले मिले, वे चूहों के जिंदा रहने कि निशानी है अतः उनका फिर से धूमन करें।
  •  धूमक विषों की गैस बहुत विषैली होती है, अतः कोई मनुष्य या जानवर उसे सूंघे नहीं। इसे बहुत ही सावधानी पूर्वक करना चाहिए।
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